नई दिल्ली, 14 नवंबर
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार हरमीत सिंह कालका ने बताया कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी और उनके साथ शहीद हुए महान गुरसिख—भाई मति दास जी, भाई सती दास जी और भाई दयाला जी—की 350वीं शहादत वर्षगांठ को समर्पित पवित्र “धर्म रक्षक यात्रा” गुरुद्वारा गुरु के महल, श्री आनंदपुर साहिब से प्रारंभ हुई।
धन धन श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्र छत्र-छाया में और पाँच प्यारों की अगुवाई में आरंभ हुई यह विशाल नगर कीर्तन यात्रा रूहानी उत्साह, कीर्तन की रसधारा और श्रद्धा के संगीत के साथ विभिन्न पड़ावों से होती हुई आज रायत-बहरा यूनिवर्सिटी, कुराली, पंजाब पहुँची।
इस पवित्र अवसर पर पंजाब के राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया जी ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों सहित संगत के साथ मिलकर यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया। राज्यपाल ने इस यात्रा को आध्यात्मिक प्रेरणा और धर्म निष्ठा का प्रतीक बताया।
संगत बड़ी संख्या में श्रद्धा और भावनाओं के साथ उपस्थित हो रही है। गुरु की कृपा से यह धर्म रक्षक यात्रा हर दिल में नाम, सेवा और सम्मान की जोत जगा रही है, जो सिख पंथ की अटूट श्रद्धा और एकता की जीवंत मिसाल है।













