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इन दिनों भारत और अमेरिका की दोस्ती स्वर्णिम दौर से गुजर रही है। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी होने से भारत-अमेरिका के सैन्य संबंध भी नए मुकाम पर हैं। यह बात शीर्ष अमेरिकी जनरल ब्राउन ने कही है। उन्होंने क्वाड को दुनिया की नई ताकत बताया है।
भारत और अमेरिका की दोस्ती इस दौर में नए मुकाम पर है। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी तय होने के बाद से इन संबंधों को नई ऊंचाई मिली है। पीएम मोदी और राष्ट्रपति जो बाइडेन की जुगलबंदी ने दोनों देशों के संबंधों और दोस्ती को और भी अधिक गहरा कर दिया है। भारत को अमेरिका का रणनीतिक साझेदार बताते हुए एक शीर्ष अमेरिकी जनरल ने सांसदों से कहा कि देनों देशों के बीच सैन्य संबंध मजबूत हुआ है और इसका दायरा एवं भागीदारी बढ़ रही है।
जनरल चार्ल्स क्यू ब्राउन ने ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति की पुष्टि के लिए सीनेट की सशस्त्र सेवा समिति के सदस्यों के समक्ष सुनवाई के दौरान कहा, ‘‘भारत, अमेरिका का एक रणनीतिक साझेदार है। हमारे सैन्य संबंध मजबूत हुए हैं और दायरे तथा भागीदारी बढ़ रही है। ब्राउन ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, ‘‘यदि मेरे नाम की पुष्टि की जाती है तो मेरी रणनीति हमारे मौजूदा द्विपक्षीय सैन्य संवाद और रक्षा औद्योगिक और प्रौद्योगिकी सहयोग का विस्तार करके भारत के साथ प्रमुख रक्षा साझेदारी को मजबूत करना जारी रखने की होगी।
क्वॉड से भारत की स्थिति हुई और मजबूत
जनरल ब्राउन ने कहा कि अमेरिका, जापान, भारत और ऑस्ट्रेलिया के सदस्यों के साथ चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद या ‘‘क्वाड’’ को अंतरराष्ट्रीय नियम-आधारित व्यवस्था को बनाए रखने, नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने, लोकतांत्रिक मूल्यों को बढ़ावा देने, सूचना साझाकरण में सुधार और तकनीकी सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से बनाया गया है। उन्होंने कहा कि क्वाड समान विचारधारा वाले साझेदारों के बीच हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और समृद्धि के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता जुटाने के एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा, ‘‘इसके सदस्य देश तेजी से खासकर समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों का समाधान करने के इच्छुक हैं।









