पटियाला, 8 ਜੁਲਾਈ(ਪ੍ਰੈਸ ਕੀ ਤਾਕਤ ਬਿਊਰੋ)-पंजाबी यूनिवर्सिटी में हुई अकादमिक कौंसिल की मीटिंग के दौरान पंजाबी हितैषी अहम फैसले लिए गए। मैनेजमैंट ने ऐलान किया है कि अब बी.ए, बी.एस.सी., बी.कॉम. में 6 सैमेस्टरों दौरान पंजाबी को जरूरी विषय के तौर पर पढ़ाया जाएगा। बी.बी.ए. और बी.सी.ए. में 2 सैमेस्टर में जरूरी तथा अगले 2 सैमेस्टर में विषय के साथ जोड़ कर पढ़ाए जाने बारे फैसला किया गया। इसके अतिरिक्त कानून विषय में 5 वर्षीय कोर्स दौरान अब पहले से बढ़ाकर 3 सैमेस्टरों में पंजाबी को लाजमी विषय के तौर पर पढ़ाया जाएगा। बी.फार्मेसी दौरान पहले सैमेस्टर में लाजमी पंजाबी तथा दूसरे समैस्टर में पंजाबी कम्यूटिंग को लाजमी विषय के तौर पर पढ़ाए जाने का पिछली मीटिंग का फैसला कायम रखा गया।मीटिंग में पंजाब कला परिषद के चेयरमैन और प्रसिद्ध शायर सुरजीत पात्र ने इस मौके बोलते कहा कि वह अपने दिल, जान और रूह से पंजाबी बोली प्रति अपने फर्ज याद करवाने आए हैं। उन्होंने कहा कि आर्टीफिशियल इंटेलिजेन्स के उभार के साथ इस बात की उम्मीद बंधी है कि आने वाले दौर में मशीन अनुवाद और ज्यादा समर्थ हो जाएगा और किसी भी भाषा में कही हुई बात को समझना और ज्यादा सरल हो जाएगा। बंगला देश के हवाले के साथ बात करते उन्होंने बताया कि कैसे वहां के निवासियों ने यह बताया कि पहली लड़ाई के द्वारा उन्होंने बोली के नाम पर देश बनाया और अब दूसरी लड़ाई द्वारा अपनी बोली में विभिन्न विषयों का ज्ञान पैदा करेंगे। इस तरह अन्य प्रवक्ताओं ने विभिन्न विचार रखे।













