चण्डीगढ़, 3 जुलाई (प्रेस की ताकत) – हरियाणा के दिव्यांगजन आयुक्त श्री राजकुमार मक्कड़ ने कहा है कि दिव्यांजनों के अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए एक जुलाई से यूडीआईडी कार्ड लागू हो चुका है। दिव्यांगजनों को नौकरी या अन्य किसी प्रकार का सरकारी लाभ लेने के लिए यूडीआईडी देना जरूरी होगा।
दिव्यांगजन आयुक्त श्री राजकुमार मक्कड़ ने यह जानकारी आज भिवानी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए दी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में दिव्यांगोंजनों की सुविधा के लिए एमडीयू रोहतक, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र के परिसर में सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक के लिए लो फ्लोर की बसें चलाई गई हैं ताकि एक फेकल्टी से दूसरी फेकल्टी में जाने के लिए दिव्यांगजनो को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दिव्यांगजनों को नौकरी देने के लिए तीन कॉरपोरेट सेक्टर कंपनियों से समझोते हुए हैं।
श्री राजकुमार मक्कड ने कहा कि प्रदेश में सीईटी के माध्यम से भर्ती होने वाले ग्रुप-सी और ग्रुप-डी में दिव्यांगों को उनका पूरा कोटा मिलेगा। उन्होंने कहा कि फर्जीवाड़ा रोकने के लिए भर्ती प्रक्रिया में दिव्यांगों के प्रमाण पत्रों की री असेसमेंट की जाएगी, यदि दिव्यांग प्रमाण पत्र में कोई कमी छोड़ दी जाती है, तो उसकी अपील पंचकूला मुख्यालय पर कर सकते हैं, जिसमें तीन चिकित्सकों की टीम उसका री असेसमेंट करेगी। दिव्यांगों को उनके अधिकारों से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार दिव्यांगों को नौकरी में उनका बैकलॉग प्रदान कर रही है, जिससे उनको वर्षों से वंचित रखा गया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पारदर्शिता के साथ दिव्यांगों को लाभ देने के लिए वचनबद्ध है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के नेतृत्व में सरकार सबका साथ और सबका विकास की भावना से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दिव्यांगों को ऑनलाइन तबादला नीति से बाहर निकाल कर उनके गृह जिले में पोस्टिंग दी जाएगी ताकि वे और अधिक कर्तव्य निष्ठा के साथ अपनी ड्यूटी कर सकें।









