छिंदवाड़ा(भगवानदीन साहू)- उच्च शिक्षा एवं उत्तम संस्कार के लिए ख्याति प्राप्त संत श्री आशारामजी गुरुकूल में इन दिनों शिक्षकों का प्रशिक्षण शिविर चल रहा है । संस्था प्रति वर्ष नए सत्र के प्रारम्भ में शिक्षकों को प्रशिक्षित करवाती है । जिससे शिक्षक अत्यधिक ज्ञान का सृजन करता है । जो विद्यार्थियों के बौद्धिक , शारीरिक , मानसिक ,आध्यात्मिक और आधुनिक ज्ञान की वृद्धि में सहायक होता है । जिससे विद्यार्थी जीवन के हर क्षेत्र में सफल होता है । सनद रहे उक्त गुरुकूल में देश के 24 राज्य और विदेशों के बच्चे अध्ययनरत हैं। विश्वभर के पालक अपने बच्चे को श्रेष्ठतम शिक्षा दिलाने के लिए गुरुकूल में दाखिला करवाते हैं। प्रशिक्षण शिविर में कई वरिष्ठ शिक्षाविदों ने शिरकत की । इस अवसर पर चांद महाविद्यालय के प्रो. अमर सिंह जी , जो कुशल वक्ता , अंतरराज्यीय बी. एड. और एम. एड. करने वालों को प्रशिक्षित करते हैं राज्य चनाव आयोग द्वारा चुनाव आइकॉन घोषित किया है – ने शिक्षकों को बताया कि राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सराहनीय है। शिक्षक सनातन संस्कृति की विरासत का संरक्षक होता है। गुरुकूल की संचालिका दर्शना खट्टर ने भी बताया कि यह गुरुकूल देश का ऐसा पहला विद्यालय है जो नए सत्र प्रारंभ होने के पूर्व अपने शिक्षकों को प्रशिक्षित करता है । गुरु विद्यार्थियों के भय , शंका , अविश्वास और पाखंड की बेड़ियों से मुक्त कराता है। गुरु के सम्पर्क में शिष्य अपनी पीढ़ियों के हालात बदल देता है । राज्य भर से आये वरिष्ठ शिक्षाविदों का आत्मीय स्वागत किया गया । इस अवसर पर साध्वी रेखा बहन साध्वी प्रतिमा बहन ,समिति के अध्यक्ष मदनमोहन परसाई , खजरी आश्रम के संचालक जयराम भाई , युवा सेवा संघ के अध्यक्ष दीपक दोईफोड़े ,प्राचार्या वागीशा बहन , प्रबंधक डॉ. सुशील सिंह परिहार , छात्रावास प्रभारी सोमनाथ पवार मुख्य रूप से उपस्थित रहे ।













