वृंदावन – सदियों पुरानी कुरीति के खिलाफ नई परंपरा की शुरुआत हुई। बरसों से ‘सफेद’ जीवन जी रही वृद्ध विधवाओं पर अबीर-गुलाल का रंग बरसा। खुशियों की इस बरसात ने उन्हें वो पल नसीब कराए, जिनकी आस कब से छोड़ बैठी थीं। सुलभ इंटरनेशनल ने आश्रय सदनों में जीवन गुजार रहीं माताओं के नीरस जीवन में होली के रंग भरे। सप्तदेवालयों में प्रमुख गोपीनाथ मंदिर में मंगलवार को वृद्ध विधवा माताओं ने फूलों और गुलाल से होली खेली। सैकड़ों की संख्या में जुटी विधवाओं ने जमकर गुलाल उड़ाया और फूलों से श्रीकृष्ण संग होली खेली। वृंदावन और वाराणसी से आईं माताओं ने एक-दूसरे को जमकर गुलाल लगाया और फूलों की बौछार की। ये पहला मौका रहा, जब किसी मंदिर के अंदर विधवाओं ने होली खेली। सुलभ इंटरनेशनल की अगुवाई में वृंदावन और बनारस की वृद्ध विधवाओं का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री निवास पहुंचेगा।













