अंबिकापुर – ग्राम गुमगरा में कमरे में बुधवार-गुरुवार की रात सिगड़ी को बुझाए बिना एक महिला अपने बच्चों के साथ सो रही थी। कोयले की जहरीली गैस से जब महिला को बैचेनी हुई तो वह उठी। बच्चों को बेहोश देख वह पड़ोसियों को बुलाने गिरते-पड़ते बाहर निकली लेकिन तक बच्चों की मौत हो चुकी थी। वहीं महिला को हालत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ग्राम गुमगरा के रहने वाले मोहर साय हादसे के दौरान वह शहर से बाहर था। घर में उसकी पत्नी हीरा बाई (35) और बेटा प्रेमचंद (13), प्रीतम (11) और बेटी आरती (10) थे। बुधवार की रात हीरा बाई कमरे में ही कोयले की जलती सिगड़ी छोड़कर बच्चों के साथ सो गई। दोनों बेटे एक चारपाई पर सोए हुए थे। हीरा बाई बेटी आरती को लेकर एक अलग सोई हुई थी। सुबह हीरा बाई को बेचैनी लगने लगी। उसकी नींद खुली तो बेटी आरती चारपाई से नीचे गिरी हुई थी। उसने किसी तरह उठकर पड़ोसी को जाकर बताया कि उसकी बेटी उठ नहीं रही है। पड़ोसी ने कमरे में जाकर देखा तो महिला की बेटी और दोनों बेटों की मौत हो गई थी।













