नई दिल्ली, 26 दिसंबर 2025
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका ने पंजाब के सीमावर्ती ज़िले फिरोज़पुर के गांव चक तार वाली निवासी 10 वर्षीय मास्टर श्रवण सिंह को उनकी असाधारण बहादुरी, सूझ-बूझ और निस्वार्थ सेवा के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर उन्हें तथा उनके परिवार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चे भारत देश का गौरव हैं और भविष्य के भारत की मजबूत नींव हैं। यह सम्मान आज भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा विज्ञान भवन, नई दिल्ली में प्रदान किया गया।
सरदार कालका ने बताया कि मास्टर श्रवण सिंह को मई 2025 के दौरान हुए ऑपरेशन सिंदूर के समय प्रदर्शित उनकी असाधारण हिम्मत, तत्पर बुद्धिमत्ता और मानव जीवन की रक्षा के लिए की गई निस्वार्थ सेवा को ध्यान में रखते हुए यह गौरवपूर्ण सम्मान दिया गया है। सरदार हरमीत सिंह कालका ने कहा कि इतनी कम उम्र में दिखाया गया यह साहस न केवल प्रशंसनीय है, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत भी है।
उन्होंने कहा कि मास्टर श्रवण सिंह की बहादुरी सिख कौम की उस महान परंपरा का जीवंत प्रतीक है, जिसमें मौन शक्ति, सेवा-भावना और अडिग दृढ़ता को सर्वोच्च नैतिक मूल्य माना जाता है। यह सम्मान नई पीढ़ी को मानवता की सेवा और देश के प्रति अपने कर्तव्यों के निर्वहन के लिए प्रेरित करेगा।













