जालन्धर/चंडीगढ़: पंजाब में मुख्यमंत्री कै. अमरेन्द्र सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार द्वारा पूर्व अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार के कार्यकाल में गलत तौर शामिल किए गए जाली व बोगस पैंशनरों की वैरीफिकेशन का कार्य पूरा करने के तुरन्त बाद पैंशनधारकों के लिए 80 करोड़ रुपए की राशि रिलीज कर दी है। पिछले कुछ महीनों से वैरीफिकेशन का कार्य चल रहा था जिस कारण राज्य में पैंशनरों के लिए पैंशन राशि रिलीज नहीं की जा सकी थी। कुछ महीनों की पैंशन लम्बित पड़ी हुई थी, जिसे सरकार ने अब क्लीयर करना शुरू कर दिया है। वैरीफिकेशन में यह बात सामने आई कि पूर्व सरकार के समय 93521 पैंशनरों के नाम गलत तौर पर शामिल किए गए थे। अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में सामाजिक सुरक्षा विभाग ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री अमरेन्द्र सिंह को सौंप दी है। अधिकारियों ने बताया कि 80 करोड़ रुपए बैंकों को जारी कर दिए गए हैं तथा अब पैंशन की राशि सीधे ही पैंशनधारकों के खातों में ट्रांसफर हो जाएगी। सामाजिक सुरक्षा विभाग ने इस बीच उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्णय लिया है, जिन्होंने जाली पैंशन बनाने में सहयोग दिया था। सरकार अवैध रूप से बने पैंशनधारकों से पुरानी पैंशन राशि वसूल भी करने जा रही है। मुख्यमंत्री ने इस बीच समाज सुरक्षा विभाग को कहा कि नवम्बर महीने तक की पैंशन को जल्द क्लीयर कर दिया जाए। अब वित्त विभाग द्वारा अगले कुछ दिनों में लम्बित पड़ी पैंशन की राशि को क्लीयर कर दिया जाएगा। अमरेन्द्र सरकार ने राज्य में कुल 19.87 लाख पैंशनधारकों की वैरीफिकेशन का कार्य शुरू किया था। जांच के दौरान पता चला है कि 51328 लाभार्थी अंडर ऐज हैं, जबकि 9839 लाभार्थी अधिकतम आय की सीमा को पूरा नहीं करते। इसी तरह से 32354 लाभार्थियों पर भी कई प्रकार के सवाल उठ खड़े हुए हैं।













