चंडीगढ़ – मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुवाई में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले किए गए। बैठक में प्रशासनिक सुधार की दिशा में कड़े कदम उठाए गए। राज्य में आबकारी एवं कराधान विभाग को विभाजिे कर दिया गया है। इसके साथ ही तकनीकी रूप से वित्तीय मामलों में हो रहे विस्तार को देखते हुए कैबिनेट ने वित्त विभाग के अधीन छह डायरेक्टोरेट स्थापित करने को भी मंजूरी दी।राज्य के इतिहास में पहली बार हुआ जब आबकारी एवं कराधान विभाग को अलग-अलग किया गया है। यानी अब शराब पर लगने वाले एक्साइज के लिए अलग विंग होगा तो कराधान मामलों के लिए अलग विंग होगा। दोनों के ही कमिश्नर अलग-अलग होंगे, लेकिन सचिव एक ही होगा। वित्तमंत्री मनप्रीत बादल का कहना है कि सरकार के इस फैसले से कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। अलबत्ता वर्किंग में सुधार होगा













