लुधियाना, पंजाब के सरकारी स्कूलों में श्ािक्षा खासकर अंग्रेजी एजुकेशन का स्तर उम्मीदों का तोड़ने वाला है। यदि आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले बच्चे को हार्स अौर फिश का मतलब नहीं जानते तो आप हालात का सहज अनुमान लगा सकते हैं। राज्य के सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी का स्तर इतने नीचे पहुंच चुका है कि 38 फीसद विद्यार्थियों को अंग्रेजी के शब्द तक पढऩे नहीं आते। यह खुलासा शिक्षा विभाग ओर से करवाए गए बेस लाइन टेस्ट से हुआ है। शिक्षा विभाग ने राज्य भर के छठी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों का बेस लाइन टेस्ट लिया। इसमें 38 फीसद विद्यार्थी अंग्रेजी के शब्द तक नहीं पढ़ पाए। 38 फीसद में से 10 फीसद तो ऐसे हैं, जिन्हें अंग्रेजी के अक्षर तक नहीं पहचान पाते। 28 फीसद सिर्फ अक्षर ही पहचान पाते हैं। दरअसल, शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी शिक्षा के स्तर को लेकर चिंतिंत है ओर इसे ठीक करना चाहता है। इसलिए छठी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को भी ‘पढ़ो पंजाब’ प्रोजेक्ट में शामिल किया है। प्रोजेक्ट लागू करने से पहले विभाग बच्चों के शिक्षा का स्तर देखना चाहता है।













