मौसम विभाग के अनुसार मई महीने में देश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। विशेष रूप से, दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश क्षेत्रों और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर, देश के बाकी हिस्सों में तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना है। इस प्रकार, मई का महीना मौसम की स्थिति में बड़े अंतर का स्रोत हो सकता है, जिसका असर लोगों के दैनिक जीवन और कृषि पर भी पड़ सकता है। इसलिए लोगों को सलाह दी जाती है कि वे अपने दिन की योजना बनाएं और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखें। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बताया है कि भारत के कुछ राज्यों में हीटवेव वाले दिनों की संख्या सामान्य से एक से चार दिन अधिक रहने की संभावना है। इसमें राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और गंगा तटीय पश्चिम बंगाल शामिल हैं। इसके अलावा गुजरात, ओडिशा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और उत्तरी कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी लू वाले दिनों की संख्या बढ़ने की संभावना है। यह स्थिति मौसम संबंधी तत्वों और पर्यावरणीय प्रभावों के कारण हो सकती है, जिसके लिए लोगों को सावधान रहने की आवश्यकता है। राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, गुजरात, ओडिशा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र तथा तेलंगाना और उत्तरी कर्नाटक के कुछ भागों में गर्मी सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। इसके साथ ही देश के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान है। हालांकि, उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत, पूर्वोत्तर भारत और पूर्व मध्य भारत के कुछ क्षेत्रों को छोड़कर देश के बाकी हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। इस प्रकार, मौसम के इन तत्वों का किसी भी क्षेत्र में अलग-अलग प्रभाव हो सकता है, जिससे किसानों और आम जनता की जीवनशैली प्रभावित हो सकती है।













